निखिल मांडवे ने नवी मुंबई मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे से की मांग; जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
नवी मुंबई : नवी मुंबई महानगरपालिका की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए केवल मौजूदा जनप्रतिनिधियों तक सीमित न रहते हुए वर्ष १९९५ से अब तक के सभी पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी जनजागृति अभियान में शामिल किया जाए, ऐसी मांग युवा सेना के नवी मुंबई जिला महासचिव निखिल रतन मांडवे ने मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे से की है।
मांडवे ने आयुक्त को दिए पत्र में मनपा के जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और महानगरपालिका की योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचाना प्रशासन और विशेष रूप से जनसंपर्क विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके बावजूद योजनाओं की जानकारी सीमित लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे आम नागरिकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मनपा प्रशासन केवल मौजूदा जनप्रतिनिधियों को ही जनता का प्रतिनिधि मानता है? यदि ऐसा नहीं है, तो वर्ष १९९५ से अब तक जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके सभी पूर्व नगरसेवकों और जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी देने वाले पत्र क्यों नहीं भेजे जाते?
‘पूर्व जनप्रतिनिधियों का भी जनता से सीधा संपर्क’
मांडवे के अनुसार, नवी मुंबई मनपा का पहला सदन अस्तित्व में आने के बाद से अब तक अनेक जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में काम किया है। इनमें से कई पूर्व जनप्रतिनिधियों का आज भी नागरिकों के साथ सीधा संपर्क है। ऐसे में उनकी सामाजिक पहुंच का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि मनपा द्वारा किसी भी नई योजना की जानकारी केवल मौजूदा नगरसेवकों या चुनिंदा पदाधिकारियों को न भेजते हुए वर्ष 1995 से अब तक के सभी पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी आधिकारिक रूप से उपलब्ध कराई जाए।
चौराहों से अस्पतालों तक लगें सूचना बोर्ड
मांडवे ने यह भी मांग की कि जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी शहर के प्रमुख चौक, सार्वजनिक वाचनालय, बस स्टॉप, नागरिक सुविधा केंद्र, अस्पताल तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बड़े और स्पष्ट बैनर एवं होर्डिंग के माध्यम से प्रदर्शित की जाए। इनमें योजना के पात्रता मानदंड, मिलने वाले लाभ और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रचार केवल जनप्रतिनिधियों के माध्यम से करवाकर मनपा प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। नागरिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना प्रशासन का दायित्व है।
जनसंपर्क विभाग की भूमिका पर भी सवाल
मांडवे ने पत्र में जनसंपर्क विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग की प्राथमिकता आम करदाता नागरिकों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि योजनाओं के प्रचार और पत्रव्यवहार की वर्तमान सीमित व्यवस्था में तत्काल बदलाव कर व्यापक जनजागृति अभियान शुरू किया जाए।
उन्होंने आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे से वर्ष १९९५ से अब तक के सभी आजी-माजी जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी देने वाले आधिकारिक पत्र भेजने तथा उन्हें जनजागृति अभियान में सहभागी बनाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।
