मुंबई : राज्य में सूखा-सदृश्य स्थिति की पृष्ठभूमि में मत्स्य व्यवसाय पर पड़ रहे असर का वस्तुनिष्ठ आकलन करने के लिए मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने ‘सूखा ट्रिगर-1’ के अंतर्गत आने वाले तालुकों में मत्स्य तालाबों, जलाशयों और संबंधित जलस्रोतों का तत्काल प्रत्यक्ष निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री नितेश राणे की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित उनके कक्ष में इस संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में सूखा-सदृश्य स्थिति की वास्तविक जानकारी एकत्र कर संबंधित जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जाए। साथ ही, सूखे की वजह से मत्स्य व्यवसाय पर पड़ने वाले प्रभाव की गंभीरता भी सरकार के संज्ञान में लाई जाए।
नितेश राणे ने कहा कि सूखा-सदृश्य स्थिति के कारण मत्स्य व्यवसाय क्षेत्र के सामने उत्पन्न होने वाली समस्याओं की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी जिलाधिकारियों के संपर्क में रहें। मत्स्य तालाबों और जलस्रोतों की मौजूदा स्थिति का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए और उसके आधार पर तत्काल वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट तैयार की जाए, ऐसे स्पष्ट निर्देश उन्होंने दिए।
उन्होंने अधिकारियों को मछुआरों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव, जलस्रोतों में उपलब्ध पानी की स्थिति और मत्स्य उत्पादन पर हो रहे असर की सटीक जानकारी संकलित करने को कहा। सूखा-सदृश्य परिस्थितियों के कारण मत्स्य व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, ऐसे में आवश्यक उपाययोजनाओं के लिए विभाग को तत्पर रहने के निर्देश भी राणे ने दिए।
अपर्याप्त बारिश और इसके परिणामस्वरूप जलस्रोतों में कम हुए पानी के भंडारण का असर मत्स्यबीज संचयन और मत्स्य उत्पादन पर पड़ रहा है। मत्स्यबीज उत्पादन केंद्रों में भी आवश्यकता के अनुसार उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति सामने आ रही है। इससे ग्रामीण रोजगार और मत्स्य उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
इस पृष्ठभूमि में ‘ट्रिगर-1’ के अंतर्गत आने वाले तालुकों में जलस्रोतों की वास्तविक स्थिति और मत्स्य व्यवसाय पर पड़ रहे प्रभाव की जमीनी स्तर पर सटीक जानकारी जुटाने पर नितेश राणे ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मछुआरों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का वस्तुनिष्ठ आकलन कर आवश्यक उपाययोजनाओं के लिए विभाग तैयार रहे।
संबंधित अधिकारियों द्वारा संकलित जानकारी जिलाधिकारियों को प्रस्तुत कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी मंत्री नितेश राणे ने दिए। बैठक में मत्स्य व्यवसाय विभाग के सचिव एन. रामास्वामी, मत्स्य व्यवसाय आयुक्त भानुदास पालवे, संबंधित जिलों के जिलाधिकारी तथा मत्स्य व्यवसाय विभाग के क्षेत्रीय उपआयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे।


