अकोला में सूखा-सदृश स्थिति का जायजा
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों को दिया भरोसा; पालकमंत्री आकाश फुंडकर रहे मौजूद
अकोला : कम बारिश और बारिश में लंबे अंतराल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसान संकट में हैं। हालांकि, किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। किसानों को भरपूर मदद दी जाएगी, यह भरोसा राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया।
अकोला जिले में सूखा-सदृश स्थिति का जायजा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बालापुर तहसील के धधम और व्याला गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद करते हुए फसल नुकसान की जानकारी ली। उनके साथ कामगार मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री एड. आकाश फुंडकर, मृद एवं जलसंधारण मंत्री संजय राठौड़, राज्यमंत्री आशीष जयसवाल, सांसद अनुप धोत्रे सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
खेतों में पहुंचकर फसल नुकसान का लिया जायजा
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धधम गांव में जी.टी. जाधव के खेत और व्याला गांव में सविता वासुदेव वाशिमकर के खेत में पहुंचकर फसल नुकसान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और नुकसान की जानकारी जानी।
बारिश के संकट से परेशान किसानों को भरोसा देते हुए शिंदे ने कहा कि किसानों को धैर्य नहीं खोना चाहिए। सरकार उनके साथ है। आने वाली दिवाली किसानों के लिए काली नहीं होने दी जाएगी और उन्हें भरपूर सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्रिमंडल में भी चर्चा हुई है और जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।
तुअर और सोयाबीन को नुकसान
एकनाथ शिंदे ने कहा कि बारिश में लंबे समय तक खंड पड़ने के कारण खेती को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। तुअर, सोयाबीन सहित अन्य फसलों पर भी इसका असर पड़ा है। ऐसे संकट के समय सभी को एकजुट होकर किसानों की मदद के लिए आगे आने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि किसान देश और समाज के लिए अन्न उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण घटक है। इसलिए सरकारी खजाने पर किसानों का पहला अधिकार है। सरकार किसानों के साथ है और उन्हें किसी भी परिस्थिति में बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा, ऐसा आश्वासन उन्होंने दिया।
पालकमंत्री आकाश फुंडकर की मौजूदगी में ग्रामीण स्थिति का जायजा
अकोला जिले में सूखा-सदृश परिस्थितियों के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का यह दौरा ग्रामीण क्षेत्रों में फसल नुकसान और किसानों की स्थिति के प्रत्यक्ष आकलन के लिहाज से रहा। पालकमंत्री आकाश फुंडकर ने भी इस दौरान किसानों और प्रशासन के बीच समन्वय बनाए रखते हुए स्थिति की जानकारी ली।